महागठबंधन सरकार से संघर्ष के लिए सभी शिक्षक संघ मिलकर बनाया शिक्षक महासंघ | All Shikshak Sangh Makes MahaSangh - TRE|HM|HT|Exclusive
📢 इंक्रीमेंट के साथ बिहार के शिक्षकों और प्रधान का

महागठबंधन सरकार से संघर्ष के लिए सभी शिक्षक संघ मिलकर बनाया शिक्षक महासंघ | All Shikshak Sangh Makes MahaSangh

 

नितीश कुमार ने अभी बड़ा बयान दिया है अब होगी केवल सरकारी नियुक्ति, नियोजित शिक्षकों का वेतन बढ़ेगा। उन्होने आगे कहा की जो नियोजित शिक्षक अभी पढ़ा रहे हैं उनके वेतन में होगी बढ़ोतरी साथ ही कहा की अब आगे किसी भी शिक्षक का नियोजन से बहाली नहीं होगा अब सरकारी नियुक्ति क्या जाएगा। संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा के चेतावनी के बाद यह पहला बयान आया है। नहीं मिलेगा प्रोमोशन से राज्यकर्मी का दर्जा। 

शिक्षा मंत्री का भी बयान आया है शिक्षकों से राज्यकर्मी परीक्षा में आसान सबाल पूछे जाएंगे।

बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति स्थानांतरण अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली 2023 के विरोध में राज्य के 28 शिक्षक संगठनो को एकजुट होने के लिए 13 अप्रैल 2023 को आमंत्रित किया गया था जो हैं -

  1. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ 
  2. बिहार नगर पंचायत प्रारंभिक शिक्षक संघ
  3. बिहार नगर पंचायत प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल
  4. परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ
  5. शिक्षक संघ बिहार 
  6. भावी प्रारंभिक शिक्षक संघ 
  7. अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक संघ
  8. बिहार प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक संघ
  9. बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ 
  10. TET-STET उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ
  11. अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ
  12. बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ
  13. TET शिक्षक संघ
  14. बिहार प्रगतिशील शिक्षक कल्याण संघ
  15. TET शिक्षक संघ मूल
  16. प्रारंभिक शिक्षक कल्याण संघ
  17. स्नातक ग्रेड प्रशिक्षित शिक्षक संघ
  18. परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ
  19. TET प्रारंभिक शिक्षक संघ
  20. उर्दू-बंगला शिक्षक संघ  
  21. बिहार उर्दू शिक्षक संघ.
  22. प्रारंभिक शिक्षक संघ (गोपगुट) 
  23. नवनियुक्त माध्यमिक शिक्षक संघ.
  24. नवनियुक्त माध्यमिक शिक्षक संघ (गोपगूट) 
  25. प्रारंभिक- माध्यमिक शिक्षक संघ.
  26. बिहार उच्चतर माध्यमिक शिक्षक संघ.
  27. उच्च माध्यमिक +(2) शिक्षक संघ.
  28. नियोजित शिक्षक स्थानांतरण संघर्ष मंच

जिनको नौकरी नहीं मिलती, बीएड कर लेता है।👈 

25 संगठन के पदाधिकारी/प्रतिनिधि मिलकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन का काम पूरा कर लिए और शेष संगठन को जोड़ने की कवायद जारी है। 
संघर्ष मोर्चा
संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा

संघर्ष मोर्चा2


संघर्ष मोर्चा3


MLC
एमएलसी

mla

MLA

माध्यमिक शिक्षक संघ पटना ने अपने प्रेस बयान में कहा है कि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने अपने सीतामढ़ी अधिवेशन में राज्यकर्मी का दर्जा सभी शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए लागू करने की मांग बिहार सरकार से की है। लेकिन सरकार ने भविष्य में नियुक्त होने वाले शिक्षकों को ही राज्यकर्मी घोषित किया है। पूर्व से नियुक्त शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के साथ इस नियमावली में भेदभाव कर अराजक स्थिति उत्पन्न कर दी गई है। यह कई लाख शिक्षकों के साथ अन्याय है। राज्य नेतृत्व के आह्वान पर चलाये जा रहे शांतिपूर्ण एवं अहिंसक आन्दोलन के बल पर शिक्षकों ने जो कुछ भी हासिल किया है, उसपर सरकार ने कुठाराघात किया है। सरकार को इस बात की समीक्षा करनी होगी कि नियमावली के बिन्दु-8 में जो उपबन्ध किया गया है, उसी में यह जोड़ा जाना चाहिए कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को सरकारी सेवक मानते हुए वेतनमान 9300-34800 के ग्रेड-पे 4600 एवं 4800 का प्रतिस्थानी न्यूनतम मूल वेतन क्रमशः 44900 एवं 47600 लागू होगा। उन्हें भविष्य में सरकार द्वारा गठित आयोग से ली जाने वाली परीक्षा से मुक्त रखा जायेगा। 

नई नियमावली के अधिसूचित होने के बावजूद अवकाश की स्वीकृति के लिए पंचायती राज पदाधिकारी के यहाँ पूर्व के नियुक्त शिक्षकों को भटकना पडे़गा। पूर्व के नियुक्त शिक्षकों की प्रोन्नति पूरे सेवाकाल में नहीं मिलना एवं प्रधनाध्यापक के पद पर भी सीधी भर्ती करना शिक्षकों के बीच सरकार की उकसावे की कार्रवाई है। सेवाकाल में प्रोन्नति नहीं देकर नैसर्गिक न्याय का हनन किया गया है, जो संवैधनिक अधिकारों का भी उल्लंघन है। 

     ताज्जुब तो यह है कि पूर्व से लागू नियमावली निरस्त नहीं की गई है और शिक्षकों को पंचायती राज के भरोसे छोड़ दिया गया है। सरकार के वर्तमान निर्णय से प्रदेश के विद्यालयों में एक साथ तीन कोटि के शिक्षक कार्यरत हो जायेंगे जो अत्यंत हास्यास्पद एवं पीड़ादायक है। 

अतः सरकार से मांग है कि सभी कोटि के शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को राज्यकर्मी का दर्जा देते हुए पुराने वेतनमान का भी लाभ दिया जाए अन्यथा विवश होकर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ को निर्णयात्मक संघर्ष छेड़ना पडे़गा। सरकार इस गंभीर परिस्थिति के उत्पन्न होने के पहले बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता कर राज्यकर्मी की घोषणा एवं पुराना वेतनमान लागू करे।
bsta

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