Bihar School Librarian Rules 2025 Out | बिहार विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष नियमावली 2026 - TRE|HM|HT|Exclusive
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Bihar School Librarian Rules 2025 Out | बिहार विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष नियमावली 2026

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा 2 जुलाई 2025 को जारी अधिसूचना संख्या 11/नि 03-01/2025-1626 के तहत राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्षों के पदों पर सीधी भर्ती और सेवा शर्तों को नियमित करने के लिए 'बिहार विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष (नियुक्ति, स्थानान्तरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त्त) नियमावली, 2025' प्रवृत्त कर दी गई है। यह नियमावली संपूर्ण बिहार राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जिसके अंतर्गत सभी पद जिला स्तरीय कैडर के होंगे और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे।

पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती नियमावली के प्रमुख बिंदु

  • कैडर का स्वरूप: पुस्तकालयाध्यक्ष का पद जिला स्तरीय और मूल कोटि का होगा।
  • आवश्यक शैक्षणिक योग्यता: न्यूनतम 45% अंकों के साथ स्नातक और पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक (B.Lib) की डिग्री।
  • आरक्षित वर्ग हेतु छूट: बिहार के निवासी SC, ST, EBC, BC, PWD, महिला एवं EWS अभ्यर्थियों को स्नातक अंक में 5% की छूट देय होगी।
  • चयन एवं परीक्षा एजेंसी: पात्रता परीक्षा BSEB द्वारा और मुख्य चयन परीक्षा BPSC द्वारा ली जाएगी।
  • आयु सीमा व राहत: न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा प्रथम व्यवहार में अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट दी जाएगी।
  • अधिकतम अवसर: अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए अधिकतम 5 अवसर प्राप्त होंगे।

शैक्षणिक योग्यता एवं आयु सीमा सम्बंधी नियम

इस नियमावली के तहत आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का भारत का नागरिक और बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। बिहार के मूल निवासी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, महिला तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंक में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जिससे उनके लिए 40 प्रतिशत अंक पर्याप्त होंगे। मौलाना मज़रहुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय पटना या बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड की 'आलिम' डिग्री तथा कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय की 'शास्त्री' डिग्री को स्नातक के समतुल्य माना गया है।

इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक (B.Lib या B.Lib.I.Sc.) की उपाधि और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित पुस्तकालयध्यक्ष पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आयु की गणना नियुक्ति वर्ष की 1 अगस्त से की जाएगी, जिसमें न्यूनतम आयु 21 वर्ष रखी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित अधिकतम आयु सीमा लागू होगी, परंतु इस नियमावली के लागू होने के बाद पात्रता परीक्षा एवं प्रथम नियुक्ति प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट मिलेगी।

BPSC चयन प्रक्रिया और परीक्षा के नियम

विद्यालय पुस्तकालयध्यक्ष के सभी पद मूल कोटि के होंगे और सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग जिला स्तर पर रिक्तियों की गणना कर रोस्टर क्लीयरेंस के बाद आरक्षण कोटिवार अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजेगा। BPSC विज्ञापित पदों के अनुसार अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त करेगा और अभ्यर्थियों द्वारा दी गई स्वघोषणा के आधार पर मूल्यांकन करेगा। परीक्षा का पाठ्यक्रम और पैटर्न BPSC द्वारा शिक्षा विभाग के परामर्श से तय किया जाएगा।

लिखित परीक्षा का आयोजन, प्रश्नपत्र निर्माण, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन तथा परिणाम प्रकाशन का पूरा अधिकार आयोग के पास रहेगा। परीक्षा में न्यूनतम अर्हतांक (Cut-off) तय करने का विवेकाधिकार BPSC का होगा। इस नियमावली के तहत एक अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने के लिए अधिकतम 5 अवसर दिए जाएंगे। चयन के बाद नियुक्ति पत्र जारी करने से पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) द्वारा शैक्षणिक व अन्य प्रमाण पत्रों की जांच कराई जाएगी। यदि कार्यहित में औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिया जाता है, तो तय समय में सत्यापन कराना आवश्यक होगा। फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी और बिहार एंड उड़ीसा पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट 1914 के तहत वेतन की वसूली की जाएगी।

परिवीक्षा अवधि, सेवा सम्पुष्टि एवं स्थानान्तरण नीति

सीधी भर्ती से नियुक्त पुस्तकालयध्यक्षों के लिए योगदान की तिथि से 1 वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) निर्धारित की गई है। सेवा असंतोषजनक पाए जाने पर इसे 1 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। यदि विस्तारित अवधि में भी कार्य संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो नियुक्ति प्राधिकार सुनवाई का एक अवसर देते हुए सेवामुक्त कर सकेगा। सफलतापूर्वक परिवीक्षा अवधि पूरी करने और प्रमाण पत्रों के सत्यापन के पश्चात ही सेवा में सम्पुष्टि की जाएगी। कर्मियों की जिला स्तरीय वरीयता BPSC की मेधा सूची के आधार पर तय होगी।

पुस्तकालयध्यक्ष का पद सामान्यतः जिला के भीतर स्थानांतरणीय होगा। यदि किसी कर्मी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होता है, वित्तीय गबन का मामला सामने आता है, या विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता है, तो नियुक्ति प्राधिकार (DEO) स्वयं या प्रधानाध्यापक की अनुशंसा पर जिला के अंदर स्थानांतरण कर सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में निदेशक, माध्यमिक शिक्षा द्वारा अंतर-जिला स्थानांतरण भी किया जा सकता है।

आचार संहिता एवं अनुशासनिक कार्रवाई के कड़े प्रावधान

पुस्तकालयध्यक्षों पर 'बिहार सरकारी सेवक आचार संहिता 1976' लागू होगी। उन्हें पुस्तकालय का स्वच्छ वातावरण बनाए रखना, समय पर आना, निजी ट्यूशन या कोचिंग न करना, किसी राजनीतिक दल से न जुड़ना, नशा सेवन न करना और बाल विवाह व दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाना होगा। यदि कोई पुस्तकालयध्यक्ष 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस या न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे स्वतः निलंबित (Deemed Suspension) समझा जाएगा।

कदाचार, बिना सूचना अनुपस्थिति, या आदेशों की अवहेलना पर अनुशासनिक प्राधिकार दंड अधिरोपित कर सकता है। बृहद् दंड में सेवा से बर्खास्तगी, अनिवार्य सेवानिवृत्ति, निचले पद/वेतनमान में पदावनति और संचयी प्रभाव से वेतनवृद्धि रोकना शामिल है। लघु दंड में निंदन, वेतन से अधिकतम 15 दिनों की कटौती, और प्रोन्नति रोकना शामिल है। अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया 'बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली 2023' के तहत संचालित होगी।

अनुकंपा नियुक्ति एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान

सेवाकाल में पुस्तकालयध्यक्ष की मृत्यु होने पर उनके आश्रित उसी जिले में विद्यालय लिपिक (Clerk) या परिचारी (Parichari) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। यह नियुक्ति तत्कालीन प्रवृत्त नीति, योग्यता और रिक्तियों की उपलब्धता के अधीन होगी। नियमावली से जुड़े विवादों या सेवाशर्तों की अपील सुनने का अधिकार क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) को होगा। किसी भी प्रावधान के निर्वचन या शंका की स्थिति में सामान्य प्रशासन विभाग के परामर्श से संवर्ग नियंत्री प्राधिकार अंतिम निर्णय लेगा।

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने 'बिहार विद्यालय पुस्तकालयध्यक्ष नियमावली 2025' की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में पुस्तकालयध्यक्षों के सभी पद BPSC द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा से सीधे भरे जाएंगे। आवेदन के लिए न्यूनतम 45% अंकों के साथ स्नातक और B.Lib की डिग्री अनिवार्य रखी गई है।

बिहार पुस्तकालयध्यक्ष भर्ती प्रश्नोत्तरी

Qu: बिहार विद्यालय पुस्तकालयध्यक्ष पद के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या है?

Ans: अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 45% अंकों (आरक्षित वर्गों के लिए 40%) के साथ स्नातक की डिग्री और B.Lib (पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक) की डिग्री होनी चाहिए।

Qu: पुस्तकालयध्यक्ष के पदों पर चयन किस प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा?

Ans: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा पात्रता परीक्षा आयोजित होगी और उसके बाद बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा ली जाने वाली लिखित परीक्षा के आधार पर सीधी भर्ती होगी।

Qu: क्या दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं?

Ans: नहीं, अभ्यर्थी को भारत का नागरिक होने के साथ-साथ बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

Qu: इस नियमावली के तहत परीक्षा देने के लिए कुल कितने अवसर मिलेंगे?

Ans: नियमावली के अनुसार कोई भी अभ्यर्थी BPSC द्वारा आयोजित पुस्तकालयध्यक्ष भर्ती परीक्षा में अधिकतम 5 बार शामिल हो सकता है।

Qu: नियुक्ति के बाद परिवीक्षा (Probation) अवधि कितनी होगी?

Ans: सीधी भर्ती से नियुक्त पुस्तकालयध्यक्षों के लिए योगदान की तिथि से 1 वर्ष की परिवीक्षा अवधि निर्धारित है, जिसे असंतोषजनक कार्य पर 1 वर्ष के लिए और बढ़ाया जा सकता है।

शिक्षा विभाग की अन्य महत्वपूर्ण नियमावलियां

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